यह महीना भगवान शिव को समर्पित है,जिसमें सभी सोमवार (सोमवार व्रत) पर उपवास, जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, मंत्र जाप एवं शिवालयों का विशेष पूजन किया जाता है। सावन माह में कई श्रावण प्रतिबद्ध व्रत जैसे मंगल गौरी, प्रदोष, नाग पंचमी आदि का भी विशेष महत्व है 1. भगवान शिव का प्रिय मास सावन को भगवान शिव का प्रिय मास माना गया है। इसी मास में देवी पार्वती जी ने कठोर तप कर शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया था, इसलिए यह माह विवाहित और कुंवारी कन्याओं के लिए भी खास होता है। 2. उत्तर भारत (पुर्णमांत कैलेंडर) प्रारम्भ: 11 जुलाई 2025 (शुक्रवार) समापन: 9 अगस्त 2025 (शनिवार) 3. 🙏 सोमवार का व्रत (श्रावण सोमवार) सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, और "ॐ नमः शिवाय" का जाप शिवलिंग पर करने से विशेष लाभ मिलता है। सावन 2025 की तारीख और अवधि उपवास और पूजा करने के प्रमुख दिन: ✨ उत्तर भारत के दिन 14 जुलाई (सोमवार) – ...